बालोद जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है और इसे ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत भारत का पहला बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया गया है। यह सफलता तब हासिल हुई जब जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 9 शहरी निकायों ने दो वर्षों तक एक भी बाल विवाह की घटना नहीं होने की पुष्टि की।
मुख्य बिंदु
- सामूहिक प्रयास: इस उपलब्धि का श्रेय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी को दिया गया।
- राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा: यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में शुरू किए गए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का हिस्सा है।
- राज्य सरकार का लक्ष्य: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य को 2028-29 तक पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।
सकारात्मक प्रभाव
यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बाल विवाह पर अंकुश लगाने से न केवल बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होंगे, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी।
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